Hanuman bhagvaan के बारे मे तो पूरा संसार जानता है। Hanuman bhagvaan की इजाजत के बगैर तो एक पत्ता भी नहीं हिलता। इस वेबसाइट के माध्यम से हम कोशिस करेंगे की हम आप लोगो तक Hanuman bhagvaan से जुडी सारी kahani , Hanuman katha, bal hanuman story, किस्से और Hanuman bhagvaan से मनचाहा वरदान प्राप्त करने के लिए Hanuman shaktishaali Mantras और dohe आप लोगे तक प्रस्तुत करने की कोशिस करेंगे।
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हनुमानजी को प्रसन्न करना बहुत सरल है। राह चलते उनका नाम स्मरण करने मात्र से ही सारे संकट दूर हो जाते हैं। जो साधक विधिपूर्वक साधना से हनुमानजी की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें कुछ नियमों का पालन करना चाहिए।
हनुमानजी की साधना में इन बातों का रखें ध्यान ?
* श्री हनुमान भगवान् की साधना करते समय शुद्धता एवं पवित्रता का ख़ास ख्याल रखना चाहिए।
* श्री हनुमान भगवान् का प्रसाद हमेशा शुद्ध घी से ही तैयार करना चाहिए।
* श्री हनुमान भगवान् जी को तिल के तेल में मिले हुए सिन्दूर का लेपन करना चाहिए। इससे हनुमान भगवान् जल्दी प्रसन्न हो जाते है और मनचाहा वरदान देते है।
* श्री हनुमान भगवान् जी को केसर के साथ घिसा लाल चंदन लगाना चाहिए।
* श्री हनुमान भगवान् जी को पीले और लाल बड़े फूल अर्पित करना चाहिए। कमल, गेंदे, सूर्यमुखी के फूल अर्पित करने पर हनुमान जी प्रसन्न होते हैं।
* श्री हनुमान भगवान् जी नैवेद्य में प्रात: पूजन में गुड़-नारियल का गोला और लड्डू, दोपहर में गुड़, घी और गेहूं की रोटी का चूरमा अथवा मोटी रोटी अर्पित करना चाहिए। रात्रि में आम, अमरूद, केला आदि फलों का प्रसाद अर्पित करें।
* श्री हनुमान भगवान् जी की साधना काल में ब्रह्मचर्य का पालन अति अनिवार्य है।
* जो नैवेद्य हनुमान जी भगवान् को अर्पित किया जाता है, उसे साधक को ग्रहण करना चाहिए।
* श्री हनुमान भगवान् जी भगवान् का जप बोलकर किए जा सकते हैं। हनुमानजी की मूर्ति के समक्ष उनके नेत्रों की ओर देखते हुए मंत्रों के जप करें।
* अपने मन और विचार को हमेशा शुद्ध रखे और किसी के लिए अपने मन मे गलत भावना ना रखे।

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