Mantra for Wearing Pukhraj



📿 पुखराज पहनने का सही मंत्र, विधि, लाभ और सावधानियाँ | Pukhraj Pehnane Ka Mantra Aur Tarika in Hindi

🔱 भूमिका

रत्नों की दुनिया में पुखराज (Yellow Sapphire) का स्थान सर्वोच्च माना गया है। यह रत्न न केवल सौंदर्य में वृद्धि करता है, बल्कि ज्योतिषशास्त्र में इसे गुरु ग्रह (बृहस्पति) का प्रतीक माना जाता है। यदि आपकी कुंडली में गुरु अशुभ स्थिति में हो, या विवाह, शिक्षा, संतान या समृद्धि में बाधा आ रही हो, तो पुखराज का प्रयोग अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

लेकिन पुखराज पहनने से पहले एक विशेष मंत्र, शुद्ध विधि, और सही मुहूर्त का पालन करना बहुत ज़रूरी है। आइए इस लेख में जानते हैं पुखराज पहनने की सम्पूर्ण जानकारी


💎 पुखराज क्या है? (What is Pukhraj?)

पुखराज, जिसे अंग्रेजी में Yellow Sapphire कहा जाता है, एक पीले रंग का कीमती रत्न है जो गुरु ग्रह से जुड़ा होता है। यह मुख्य रूप से श्रीलंका, ब्राज़ील, अफ्रीका आदि देशों में पाया जाता है।

🔹 पुखराज का रंग:

  • हल्का पीला से गहरा सुनहरा

  • जितना शुद्ध और चमकदार, उतना प्रभावी


📜 पुखराज पहनने का मंत्र (Pukhraj Pehnane Ka Mantra in Hindi)

पुखराज पहनते समय निम्न मंत्र का 108 बार जाप करें:

ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः॥

या

ॐ बृहस्पते नमः॥

यह मंत्र गुरु ग्रह को प्रसन्न करता है और पुखराज की शक्ति को सक्रिय करता है।


🗓️ पुखराज पहनने का शुभ मुहूर्त और दिन

तत्व विवरण
दिन गुरुवार (Thursday)
समय सूर्योदय के बाद सुबह 6:00 से 7:30 के बीच
नक्षत्र पुनर्वसु, विशाखा, पूर्वाभाद्रपद
तिथि शुक्ल पक्ष का कोई भी गुरुवार विशेष शुभ

🪔 पुखराज पहनने की विधि (How to Wear Pukhraj)

  1. रत्न की शुद्धता जांचें – पुखराज कम से कम 5.25 रत्ती का होना चाहिए।

  2. धातु का चयन – आमतौर पर सोने में धारण करना उत्तम होता है, कभी-कभी पंचधातु या चांदी में भी।

  3. पवित्र स्नान करें – गुरुवार के दिन स्नान करके पीले वस्त्र पहनें।

  4. पुखराज को गंगाजल + केसर + शहद + दूध के मिश्रण में 20 मिनट तक रखें।

  5. पूजा स्थान पर गुरु बृहस्पति की मूर्ति/चित्र के सामने बैठें।

  6. रत्न को निकालकर कपड़े से साफ करें और ऊपर बताए गए मंत्र का 108 बार जाप करें।

  7. दाहिने हाथ की तर्जनी (Index Finger) में रिंग पहनें।


🌟 पुखराज पहनने के लाभ (Benefits of Wearing Pukhraj)

1. 🧠 बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि

पुखराज गुरु ग्रह से संबंधित है, जो ज्ञान, बुद्धि, और निर्णय क्षमता का प्रतीक है। इसे पहनने से विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वालों को लाभ होता है।

2. 💰 आर्थिक समृद्धि

यह रत्न आर्थिक प्रगति, धन-संपत्ति, व्यापार में वृद्धि और नई अवसरों की प्राप्ति में सहायक होता है।

3. 💏 विवाह में विलंब हो तो वरदान है

जिन लोगों का विवाह नहीं हो रहा, विशेषकर कुंवारी कन्याओं को पुखराज धारण करने से जल्द ही शुभ विवाह होता है।

4. 👶 संतान सुख की प्राप्ति

पुखराज संतान से जुड़ी बाधाओं को दूर करता है। यह प्रजनन क्षमता और संतान संबंधित समस्याओं में प्रभावी होता है।

5. 🙏 आध्यात्मिक उन्नति

जो लोग साधना, ध्यान और गुरु भक्ति में रुचि रखते हैं, उनके लिए पुखराज अत्यंत शुभ होता है। यह आध्यात्मिक मार्ग पर स्थिरता देता है।

6. 😇 ग्रह दोषों से मुक्ति

अगर कुंडली में गुरु कमजोर या अशुभ स्थान में हो, तो पुखराज के माध्यम से उसकी शांति की जा सकती है।


❌ पुखराज पहनने से पहले सावधानियाँ

  • नकली रत्न से बचें; केवल प्रामाणिक और सर्टिफाइड रत्न ही पहनें।

  • गुरु की स्थिति कुंडली में जांचें; कभी-कभी यह वज्रपात समान प्रभाव दे सकता है।

  • रत्न की सफाई नियमित रूप से गंगाजल से करें।

  • बिना मंत्र जाप के रत्न पहनना प्रभावी नहीं माना जाता।

  • मंगल, राहु और शनि से पीड़ित लोग बिना ज्योतिषीय सलाह के न पहनें।


📈 किसे नहीं पहनना चाहिए पुखराज?

  • तुला (Libra), वृषभ (Taurus), और मिथुन (Gemini) राशि वालों को सावधानी से पहनना चाहिए।

  • अगर गुरु 6वें, 8वें या 12वें भाव में है, तो पहले योग्य पंडित से परामर्श लें।

  • यदि आपकी कुंडली में गुरु ग्रह नीच का हो या शत्रु ग्रहों से पीड़ित हो।


🔬 वैज्ञानिक दृष्टिकोण

  • पुखराज में पाए जाने वाले मिनरल्स और वाइब्रेशनल प्रॉपर्टीज शरीर की कोशिकाओं और मानसिक तरंगों पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

  • इसकी हीलिंग एनर्जी रक्तचाप, हार्मोनल असंतुलन और चिंता को नियंत्रित करती है।


🙌 वास्तविक अनुभव (User Testimonials)

“मेरे विवाह में बहुत देर हो रही थी। पंडित जी ने पुखराज पहनने को कहा और मंत्रों के साथ मैंने धारण किया। 6 महीने में ही मेरा रिश्ता तय हो गया।” – प्रियंका शर्मा, दिल्ली

“मैं UPSC की तैयारी कर रहा हूँ। पुखराज पहनने से मेरी एकाग्रता और स्मरण शक्ति बहुत बढ़ी है।” – राहुल मिश्रा, लखनऊ


🧾 FAQs – पुखराज पहनने से संबंधित सामान्य प्रश्न

Q. पुखराज कितने रत्ती का होना चाहिए?

A. कम से कम 5.25 रत्ती और अधिकतम 7.25 रत्ती का पहनना चाहिए।

Q. क्या पुखराज पहनने के बाद उतारा जा सकता है?

A. हाँ, लेकिन केवल विशेष कारणों से और बिना अपवित्र किए। अच्छा हो कि इसे जीवन भर धारण करें।

Q. पुखराज पहनने से कितने समय में असर दिखता है?

A. आमतौर पर 15 से 45 दिनों के भीतर असर दिखने लगता है।

Q. क्या पुखराज रात में उतार सकते हैं?

A. कोशिश करें कि इसे हर समय पहने रहें, लेकिन सोने से पहले उतारना भी ठीक है।


🏁 निष्कर्ष (Conclusion)

पुखराज, यदि सही समय, मंत्र, और विधि के साथ पहना जाए, तो यह आपके जीवन को ज्ञान, धन, प्रेम और संतोष से भर सकता है। यह केवल एक रत्न नहीं, बल्कि गुरु की कृपा का प्रतीक है। ध्यान रहे, रत्न केवल तब लाभकारी होता है जब उसे श्रद्धा, विधि और शुद्धता के साथ पहना जाए।


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