Hanuman Ji ki Janm katha

जय श्री राम जय श्री हनुमान Jai Shri Ram Jai Shri Hanuman

जय श्री राम जय श्री हनुमान Jai Shri Ram Jai Shri Hanuman


Hanuman bhagvaan के बारे मे तो पूरा संसार जानता है।  Hanuman bhagvaan की इजाजत के बगैर तो एक पत्ता भी नहीं हिलता।  इस वेबसाइट के माध्यम  से हम कोशिस करेंगे की हम आप लोगो तक Hanuman bhagvaan से जुडी सारी kahani , Hanuman katha, bal hanuman story, किस्से और Hanuman bhagvaan से मनचाहा वरदान प्राप्त करने के लिए Hanuman shaktishaali Mantras और dohe आप लोगे तक प्रस्तुत करने की कोशिस करेंगे। 

हम लोग जानते है की सभी देवो मे Shree Hanuman bhagvaan को खुश करना सबसे आसान है इसलिए हमें विश्वास है की इस वेबसाइट मे आने के बाद और इस वेबसाइट मे दिए गए मंत्रो का सही इश्तेमाल करके आप लोग के जीवन मे अवश्य ही सुख और समृद्धि की बरसात होने लगेगी 


Bajrangbali Hanuman भगवान शिव के 11वां रूद्र अवतार के रूप मे भी पूजे जाते है।  shree Hanuman भगवान् प्रभु श्री राम के अनन्य भक्त हैं। Shree Hanuman जी का जनम वानर परिवार मे हुआ है। 

उनकी माता का नाम अंजना (अंजनी) और उनके पिता वानरराज केशरी हैं। इसी कारण इन्हें आंजनाय और केसरीनंदन आदि नामों से भी पुकारा जाता है।

वहीं दूसरी मान्यता के अनुसार Shree Hanuman जी को पवन पुत्र भी कहते हैं।


आइये जानते है क्यों Shree Hanuman भगवान् को पवन पुत्र कहा जाता है : 

Shree Hanuman भगवान् के पीछे पवन देव का भी योगदान था। एक बार अयोध्या के राजा दशरथ अपनी पत्नियों के साथ पुत्रेष्टि हवन कर रहे थे। 

यह हवन पुत्र प्राप्ति के लिए किया जा रहा था। हवन समाप्ति के बाद गुरुदेव ने प्रसाद की खीर तीनों रानियों में थोड़ी थोड़ी बांट दी।

खीर का एक भाग एक कौआ अपने साथ एक जगह ले गया जहा अंजनी मां तपस्या कर रही थी। यह सब भगवान शिव और वायु देव के इच्छा अनुसार हो रहा था। 

तपस्या करती अंजना के हाथ में जब खीर आई तो उन्होंने उसे शिवजी का प्रसाद समझ कर ग्रहण कर लिया। 

इसी प्रसाद की वजह से Shree Hanuman Bhagwaan का जन्म हुआ।




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